The Boy Bent in Eight Places
राजा जनक की शास्त्रार्थ सभा में आठ जगह से टेढ़ा बारह बरस का एक बालक लड़खड़ाता हुआ घुसता है, पूरी सभा उस पर हँस पड़ती है, और वह पलटकर हँसता है, क्योंकि यही वह सभा है जहाँ बंदी से हारकर उसके पिता को पानी में डुबो दिया गया था, और आज वह उसी बंदी को ललकारने आया है।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
राजा जनक की शास्त्रार्थ सभा में आठ जगह से टेढ़ा बारह बरस का एक बालक लड़खड़ाता हुआ घुसता है, पूरी सभा उस पर हँस पड़ती है, और वह पलटकर हँसता है, क्योंकि यही वह सभा है जहाँ बंदी से हारकर उसके पिता को पानी में डुबो दिया गया था, और आज वह उसी बंदी को ललकारने आया है।
Tradition & source notes
महाभारत, वन पर्व, अष्टावक्रीय उपाख्यान (अध्याय 132–134); सभा के हँसने वाला प्रसंग बाद की लोक-परंपरा से; अंतिम संवाद अष्टावक्र गीता (जनक-अष्टावक्र) पर आधारित