Fifty-Eight Nights
युद्ध जीतकर भी युधिष्ठिर अपने ही भाइयों और गुरुओं के ख़ून के बोझ तले राजपाट छोड़कर वन जाने की ज़िद पर हैं, तब कृष्ण उन्हें कुरुक्षेत्र ले जाते हैं जहाँ बाणों की शय्या पर लेटे भीष्म, जिन्हें युधिष्ठिर ने ही गिरवाया था, उत्तरायण तक हर रात एक सीख और एक कथा से उनके अपराध-बोध को तोड़ते हैं।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
युद्ध जीतकर भी युधिष्ठिर अपने ही भाइयों और गुरुओं के ख़ून के बोझ तले राजपाट छोड़कर वन जाने की ज़िद पर हैं, तब कृष्ण उन्हें कुरुक्षेत्र ले जाते हैं जहाँ बाणों की शय्या पर लेटे भीष्म, जिन्हें युधिष्ठिर ने ही गिरवाया था, उत्तरायण तक हर रात एक सीख और एक कथा से उनके अपराध-बोध को तोड़ते हैं।
Tradition & source notes
महाभारत, भीष्म पर्व (भीष्म का पतन), शांति पर्व (राजधर्म, आपद्धर्म, मोक्षधर्म: कबूतर और बहेलिया, बिल्ली और चूहा, नदी और बेंत की कथाएँ) तथा अनुशासन पर्व (भीष्म का उपदेश और देह-त्याग)
