A Crack in the Dam
पिता की अचानक मौत के बाद छब्बीस साल का एक लड़का गाँव का मुखिया बना है, और पहली ही रात बाँध में दरार की ख़बर आती है; दादा के ज़माने से पहरा देता आया बूढ़ा चौकीदार उसे चाणक्य की सीख सुनाता है कि राजा का सुख प्रजा के सुख में है, और जो नेता ख़ुद पर राज नहीं कर सकता वह किसी पर नहीं कर सकता।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
पिता की अचानक मौत के बाद छब्बीस साल का एक लड़का गाँव का मुखिया बना है, और पहली ही रात बाँध में दरार की ख़बर आती है; दादा के ज़माने से पहरा देता आया बूढ़ा चौकीदार उसे चाणक्य की सीख सुनाता है कि राजा का सुख प्रजा के सुख में है, और जो नेता ख़ुद पर राज नहीं कर सकता वह किसी पर नहीं कर सकता।
Tradition & source notes
चाणक्य नीति (नेतृत्व और राजधर्म पर श्लोक) तथा कौटिल्य अर्थशास्त्र, अधिकरण 1, अध्याय 19 ('प्रजासुखे सुखं राज्ञः प्रजानां च हिते हितम्'); फ़्रेम कथा काल्पनिक