Mahabharata traditions

The Blindfold

युद्ध के बाद गांधारी पट्टी बाँधे कुरुक्षेत्र में अपने सौ बेटों के शवों के बीच चल रही हैं और कृष्ण साथ हैं; यहीं से कहानी उस ब्याह के दिन तक लौटती है जब एक राजकुमारी ने तय किया कि जो पति नहीं देख सकता वह भी नहीं देखेगी, और दिखाती है कि यह त्याग पूरे परिवार के अंधेपन का हिस्सा कैसे बन गया।

Original Hindi textStory in preparation

This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.

युद्ध के बाद गांधारी पट्टी बाँधे कुरुक्षेत्र में अपने सौ बेटों के शवों के बीच चल रही हैं और कृष्ण साथ हैं; यहीं से कहानी उस ब्याह के दिन तक लौटती है जब एक राजकुमारी ने तय किया कि जो पति नहीं देख सकता वह भी नहीं देखेगी, और दिखाती है कि यह त्याग पूरे परिवार के अंधेपन का हिस्सा कैसे बन गया।

Tradition & source notes

महाभारत, आदि पर्व (गांधारी का विवाह और आँखों पर पट्टी), उद्योग पर्व, स्त्री पर्व (रणभूमि पर विलाप, कृष्ण को श्राप); दुर्योधन के वज्र-शरीर की कथा लोक-परंपरा है, मूल ग्रंथ में नहीं

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