Twelve Lamps, One Road
माँ के जाने के बाद बरसों से एक-दूसरे से न बोले पिता और बेटा उनकी आख़िरी इच्छा पूरी करने बारह ज्योतिर्लिंगों की यात्रा पर निकलते हैं; हर पड़ाव पर स्तोत्र की एक पंक्ति और एक कथा (सोमनाथ में चंद्रमा का श्राप, केदार में पांडव, घृष्णेश्वर में घुश्मा की क्षमा) उनके बीच जमी बर्फ़ को थोड़ा और पिघलाती है।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
माँ के जाने के बाद बरसों से एक-दूसरे से न बोले पिता और बेटा उनकी आख़िरी इच्छा पूरी करने बारह ज्योतिर्लिंगों की यात्रा पर निकलते हैं; हर पड़ाव पर स्तोत्र की एक पंक्ति और एक कथा (सोमनाथ में चंद्रमा का श्राप, केदार में पांडव, घृष्णेश्वर में घुश्मा की क्षमा) उनके बीच जमी बर्फ़ को थोड़ा और पिघलाती है।
Tradition & source notes
शिव पुराण, कोटिरुद्र संहिता (ज्योतिर्लिंग कथाएँ); द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र; कुछ स्थानीय मंदिर-कथाएँ लोक-परंपरा; फ़्रेम कथा काल्पनिक
