Wisdom

The Sea With No Shore

जहाज़ टूट चुका है, साथी डूब चुके हैं, चारों ओर किनारा तक नहीं दिखता, फिर भी राजकुमार महाजनक सात दिन से तैर रहा है; समुद्र की देवी मणिमेखला पूछती हैं कि जब किनारा ही नहीं दिखता तो क्यों थकते हो, और उसका जवाब वह कहानी खोलता है: पिता का राज छीना गया, गर्भवती माँ भागकर परदेस पहुँची, और एक बेटा अपना हक़ वापस पाने निकला।

Original Hindi textStory in preparation

This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.

जहाज़ टूट चुका है, साथी डूब चुके हैं, चारों ओर किनारा तक नहीं दिखता, फिर भी राजकुमार महाजनक सात दिन से तैर रहा है; समुद्र की देवी मणिमेखला पूछती हैं कि जब किनारा ही नहीं दिखता तो क्यों थकते हो, और उसका जवाब वह कहानी खोलता है: पिता का राज छीना गया, गर्भवती माँ भागकर परदेस पहुँची, और एक बेटा अपना हक़ वापस पाने निकला।

Tradition & source notes

जातक कथाएँ, महाजनक जातक (संख्या 539), बौद्ध परंपरा

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