ॐBhakti Aanganभक्ति आंगन
Ramayana

The Swept Path

मतंग वन में एक बूढ़ी भीलनी बरसों से हर सुबह फूल बिछाती और रास्ता बुहारती है, क्योंकि गुरु ने जाते समय कहा था कि राम आएँगे, और जिस दिन वे सच में आते हैं, आसपास के ऋषि उसे छूने से भी कतराते हैं।

Original Hindi textStory in preparation

This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.

मतंग वन में एक बूढ़ी भीलनी बरसों से हर सुबह फूल बिछाती और रास्ता बुहारती है, क्योंकि गुरु ने जाते समय कहा था कि राम आएँगे, और जिस दिन वे सच में आते हैं, आसपास के ऋषि उसे छूने से भी कतराते हैं।

Tradition & source notes

वाल्मीकि रामायण, अरण्यकांड (सर्ग 74); रामचरितमानस, अरण्यकांड (शबरी प्रसंग, नवधा भक्ति); चखे हुए बेरों की कथा लोक-परंपरा है

Back to stories
HomeDiya SevaPujasStoriesMy bookings