Two Questions, Two Arrows
राजा जनक की सभा में सोने से मढ़े सींगों वाली हज़ार गायें खड़ी हैं, याज्ञवल्क्य बिना किसी से पूछे शिष्य से उन्हें हाँक ले जाने को कहते हैं, और एक-एक कर सभा के बड़े विद्वान हारकर बैठ जाते हैं; तब गार्गी शांत स्वर में उठती है और कहती है कि वह धनुर्धर की तरह बस दो तीर जैसे प्रश्न पूछेगी।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
राजा जनक की सभा में सोने से मढ़े सींगों वाली हज़ार गायें खड़ी हैं, याज्ञवल्क्य बिना किसी से पूछे शिष्य से उन्हें हाँक ले जाने को कहते हैं, और एक-एक कर सभा के बड़े विद्वान हारकर बैठ जाते हैं; तब गार्गी शांत स्वर में उठती है और कहती है कि वह धनुर्धर की तरह बस दो तीर जैसे प्रश्न पूछेगी।
Tradition & source notes
बृहदारण्यक उपनिषद, अध्याय 3 (राजा जनक की सभा: ब्राह्मण 1, 6, 8, 9; गार्गी वाचक्नवी के प्रश्न)