ॐBhakti Aanganभक्ति आंगन
Shri Krishna

The Rope Two Fingers Short

दही का मटका टूटा पड़ा है, नन्हा कान्हा ओखली पर चढ़कर बंदरों को माखन बाँट रहा है, और यशोदा रस्सी लिए पीछे आती हैं, पर गोकुल की हर रस्सी जोड़ने के बाद भी वह हर बार ठीक दो उँगल छोटी रह जाती है, जबकि आँगन के दो पुराने अर्जुन पेड़ों में बरसों से कोई इंतज़ार कर रहा है।

Original Hindi textStory in preparation

This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.

दही का मटका टूटा पड़ा है, नन्हा कान्हा ओखली पर चढ़कर बंदरों को माखन बाँट रहा है, और यशोदा रस्सी लिए पीछे आती हैं, पर गोकुल की हर रस्सी जोड़ने के बाद भी वह हर बार ठीक दो उँगल छोटी रह जाती है, जबकि आँगन के दो पुराने अर्जुन पेड़ों में बरसों से कोई इंतज़ार कर रहा है।

Tradition & source notes

भागवत पुराण, दशम स्कंध, अध्याय 9–10 (दामोदर लीला, यमलार्जुन उद्धार; नलकूबर-मणिग्रीव को नारद का श्राप)

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