Dust From One Footstep
मिथिला के रास्ते में विश्वामित्र किशोर राम को एक उजड़े, सुनसान आश्रम में ले जाते हैं जहाँ कोई पंछी तक नहीं बोलता, और वहाँ की चुप्पी में बरसों से एक स्त्री अपनी एक भूल और पति के श्राप का बोझ उठाए किसी के आने का इंतज़ार कर रही है।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
मिथिला के रास्ते में विश्वामित्र किशोर राम को एक उजड़े, सुनसान आश्रम में ले जाते हैं जहाँ कोई पंछी तक नहीं बोलता, और वहाँ की चुप्पी में बरसों से एक स्त्री अपनी एक भूल और पति के श्राप का बोझ उठाए किसी के आने का इंतज़ार कर रही है।
Tradition & source notes
वाल्मीकि रामायण, बालकांड (सर्ग 48–49); रामचरितमानस, बालकांड (अहल्या उद्धार); दोनों में रूप अलग है: वाल्मीकि में अदृश्य तपस्या, मानस में शिला