The Year Nobody Counted
यमुना किनारे दोपहर के भोजन के बीच सारे बछड़े और फिर सारे ग्वाल-बाल पलक झपकते ग़ायब हो जाते हैं, ब्रह्मा उन्हें छिपा ले गए हैं, और कृष्ण चुपचाप ख़ुद हर बछड़ा, हर बालक बनकर पूरा एक साल व्रज लौटते हैं; किसी माँ को पता नहीं चलता, बस हर माँ का प्यार पहले से गहरा हो जाता है, और सिर्फ़ बलराम को कुछ खटकने लगता है।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
यमुना किनारे दोपहर के भोजन के बीच सारे बछड़े और फिर सारे ग्वाल-बाल पलक झपकते ग़ायब हो जाते हैं, ब्रह्मा उन्हें छिपा ले गए हैं, और कृष्ण चुपचाप ख़ुद हर बछड़ा, हर बालक बनकर पूरा एक साल व्रज लौटते हैं; किसी माँ को पता नहीं चलता, बस हर माँ का प्यार पहले से गहरा हो जाता है, और सिर्फ़ बलराम को कुछ खटकने लगता है।
Tradition & source notes
भागवत पुराण, दशम स्कंध, अध्याय 12–14 (अघासुर वध, ब्रह्मा-मोह लीला, ब्रह्मा की स्तुति)