ॐBhakti Aanganभक्ति आंगन
Mahabharata traditions

One Boar, Two Arrows

इंद्रकील पर्वत पर महीनों के कठोर तप के बाद एक जंगली सूअर अर्जुन पर झपटता है और ठीक उसी पल अर्जुन का तीर और एक अनजान किरात शिकारी का तीर उसे एक साथ भेदते हैं; 'शिकार मेरा है' की बहस से छिड़ी लड़ाई में अर्जुन के अक्षय तरकश के बाण ख़त्म हो जाते हैं, गांडीव छिन जाता है, और हारा हुआ अर्जुन मिट्टी के शिवलिंग पर जो माला चढ़ाता है, वह उसी शिकारी के गले में दिखाई देती है।

Original Hindi textStory in preparation

This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.

इंद्रकील पर्वत पर महीनों के कठोर तप के बाद एक जंगली सूअर अर्जुन पर झपटता है और ठीक उसी पल अर्जुन का तीर और एक अनजान किरात शिकारी का तीर उसे एक साथ भेदते हैं; 'शिकार मेरा है' की बहस से छिड़ी लड़ाई में अर्जुन के अक्षय तरकश के बाण ख़त्म हो जाते हैं, गांडीव छिन जाता है, और हारा हुआ अर्जुन मिट्टी के शिवलिंग पर जो माला चढ़ाता है, वह उसी शिकारी के गले में दिखाई देती है।

Tradition & source notes

महाभारत, वन पर्व, कैरात पर्व (अर्जुन का इंद्रकील पर तप, किरात-वेशधारी शिव से युद्ध, पाशुपत अस्त्र); भारवि का 'किरातार्जुनीयम्' (काव्य परंपरा)

Back to stories
HomeDiya SevaPujasStoriesMy bookings