When Arjuna Forgot
युद्ध जीता जा चुका है, और कृष्ण के द्वारका लौटने से पहले की एक शाम अर्जुन संकोच से कहता है कि रणभूमि पर आपने जो कहा था वह सब मन से उतर गया, फिर से सुना दीजिए; कृष्ण की आँखों में पहली बार उदासी आती है, क्योंकि वह ज्ञान दोबारा वैसे नहीं कहा जा सकता।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
युद्ध जीता जा चुका है, और कृष्ण के द्वारका लौटने से पहले की एक शाम अर्जुन संकोच से कहता है कि रणभूमि पर आपने जो कहा था वह सब मन से उतर गया, फिर से सुना दीजिए; कृष्ण की आँखों में पहली बार उदासी आती है, क्योंकि वह ज्ञान दोबारा वैसे नहीं कहा जा सकता।
Tradition & source notes
महाभारत, आश्वमेधिक पर्व, अनुगीता उपपर्व (अध्याय 16 से आगे): अर्जुन का स्वीकारना कि वह कुरुक्षेत्र का उपदेश भूल गया है, कृष्ण का कहना कि वह उसे वैसा दोबारा नहीं कह सकते, फिर सिद्ध-काश्यप और ब्राह्मण-ब्राह्मणी संवादों के रूप में वही ज्ञान
