Giving With Lowered Eyes
सब कुछ गँवा चुका एक व्यापारी रात की रेल में बैठा है, और उसका बूढ़ा मुंशी उसे रहीम के दोहे और उनकी कहानी सुनाता है: अकबर का वह सबसे बड़ा दानी जो देते वक़्त आँखें झुका लेता था, और जिसने बेटे खोए, ओहदा खोया, फिर भी हर दुख को एक सीधे-सादे दोहे में बाँध दिया।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
सब कुछ गँवा चुका एक व्यापारी रात की रेल में बैठा है, और उसका बूढ़ा मुंशी उसे रहीम के दोहे और उनकी कहानी सुनाता है: अकबर का वह सबसे बड़ा दानी जो देते वक़्त आँखें झुका लेता था, और जिसने बेटे खोए, ओहदा खोया, फिर भी हर दुख को एक सीधे-सादे दोहे में बाँध दिया।
Tradition & source notes
रहीम के दोहे (रहीम दोहावली); अब्दुर्रहीम ख़ानख़ाना का जीवन ऐतिहासिक वृत्तांतों से; कवि गंग और रहीम का दोहा-संवाद और चित्रकूट-वास लोक-परंपरा; फ़्रेम कथा काल्पनिक