The King Who Could Not Sleep
मथुरा की राजसभा में आधी रात को धनुष टूटने की ख़बर आती है और कंस फिर जाग उठता है; ग्यारह बरस से वह हर रात एक ही चेहरे से डरता आया है, पूतना से केशी तक हर भेजा हुआ लौटा नहीं, और अब उसने अपने ही भरोसेमंद अक्रूर को उस बालक को मौत के न्योते पर लाने भेजा है।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
मथुरा की राजसभा में आधी रात को धनुष टूटने की ख़बर आती है और कंस फिर जाग उठता है; ग्यारह बरस से वह हर रात एक ही चेहरे से डरता आया है, पूतना से केशी तक हर भेजा हुआ लौटा नहीं, और अब उसने अपने ही भरोसेमंद अक्रूर को उस बालक को मौत के न्योते पर लाने भेजा है।
Tradition & source notes
भागवत पुराण, दशम स्कंध, अध्याय 6–7 (पूतना, तृणावर्त), 36–44 (केशी, अक्रूर का गोकुल जाना, धनुष-भंग, कुवलयापीड, चाणूर-मुष्टिक, कंस वध)