The Ganga in a Leather Tub
काशी का एक पंडित गंगा से सोने का वह कंगन लेकर लौटता है जो मोची रैदास की एक कौड़ी के बदले नदी के हाथ ने दिया था; रानी सुबह तक उसका जोड़ा माँगती है, और डरा हुआ पंडित उसी मोची के पास भागता है जिसे उसने कभी छूने लायक नहीं समझा।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
काशी का एक पंडित गंगा से सोने का वह कंगन लेकर लौटता है जो मोची रैदास की एक कौड़ी के बदले नदी के हाथ ने दिया था; रानी सुबह तक उसका जोड़ा माँगती है, और डरा हुआ पंडित उसी मोची के पास भागता है जिसे उसने कभी छूने लायक नहीं समझा।
Tradition & source notes
रैदास के पद (गुरु ग्रंथ साहिब में संकलित); भक्तमाल; 'मन चंगा तो कठौती में गंगा' और गंगा के कंगन की कथा लोक-परंपरा
