The Iron Pestle
कुरुक्षेत्र के छत्तीस बरस बाद यदु-कुमार साम्ब को गर्भवती स्त्री बनाकर ऋषियों से मज़ाक करते हैं और श्राप मिलता है कि वह एक लोहे का मूसल जनेगा जो पूरे कुल का नाश करेगा; कृष्ण के सारथी दारुक की आँखों से हम देखते हैं कि जो नगर कभी कोई युद्ध नहीं हारा, वह कैसे अपने ही हाथों गिरता है, और गांधारी का बरसों पुराना श्राप चुपचाप पूरा होता है।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
कुरुक्षेत्र के छत्तीस बरस बाद यदु-कुमार साम्ब को गर्भवती स्त्री बनाकर ऋषियों से मज़ाक करते हैं और श्राप मिलता है कि वह एक लोहे का मूसल जनेगा जो पूरे कुल का नाश करेगा; कृष्ण के सारथी दारुक की आँखों से हम देखते हैं कि जो नगर कभी कोई युद्ध नहीं हारा, वह कैसे अपने ही हाथों गिरता है, और गांधारी का बरसों पुराना श्राप चुपचाप पूरा होता है।
Tradition & source notes
महाभारत, स्त्री पर्व, अध्याय 25 (गांधारी का श्राप) और मौसल पर्व; भागवत पुराण, एकादश स्कंध, अध्याय 1, 30–31 (ऋषियों का श्राप, प्रभास में यदुवंश का अंत, जरा का बाण, कृष्ण का प्रयाण)