ॐBhakti Aanganभक्ति आंगन
Saints & Dohas

The Sheet at Maghar

मरने के लिए काशी आकर अड़ गए एक ज़िद्दी बूढ़े को उसका जुलाहा पोता घाट की सीढ़ियों पर रोज़ कबीर का एक दोहा और उनकी ज़िंदगी का एक टुकड़ा सुनाता है, और कहानी उस दिन तक पहुँचती है जब बूढ़े कबीर ने काशी छोड़कर उस मगहर में मरना चुना जिसे लोग अभागा मानते थे।

Original Hindi textStory in preparation

This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.

मरने के लिए काशी आकर अड़ गए एक ज़िद्दी बूढ़े को उसका जुलाहा पोता घाट की सीढ़ियों पर रोज़ कबीर का एक दोहा और उनकी ज़िंदगी का एक टुकड़ा सुनाता है, और कहानी उस दिन तक पहुँचती है जब बूढ़े कबीर ने काशी छोड़कर उस मगहर में मरना चुना जिसे लोग अभागा मानते थे।

Tradition & source notes

कबीर की साखियाँ (दोहे) और पद (बीजक, कबीर ग्रंथावली); काशी-मगहर वाला पद गुरु ग्रंथ साहिब में; मृत्यु के बाद चादर के नीचे फूल मिलने की कथा लोक-परंपरा; फ़्रेम कथा काल्पनिक

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