The Temple That Turned
औंढा नागनाथ में पुजारी दर्ज़ी नामदेव को नीची जात का कहकर मंदिर के आगे से धकेल देते हैं, वह पीछे बैठकर कीर्तन करता है, और सुबह होते-होते मंदिर का द्वार उसकी ओर घूम जाता है; वहाँ से कहानी उस बच्चे तक जाती है जो विट्ठल के आगे थाली रखकर ज़िद करता था कि भगवान खाएँगे तभी उठूँगा।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
औंढा नागनाथ में पुजारी दर्ज़ी नामदेव को नीची जात का कहकर मंदिर के आगे से धकेल देते हैं, वह पीछे बैठकर कीर्तन करता है, और सुबह होते-होते मंदिर का द्वार उसकी ओर घूम जाता है; वहाँ से कहानी उस बच्चे तक जाती है जो विट्ठल के आगे थाली रखकर ज़िद करता था कि भगवान खाएँगे तभी उठूँगा।
Tradition & source notes
नामदेव का पद (गुरु ग्रंथ साहिब, राग मलार) जिसमें देहुरा फिरने का उल्लेख है; औंढा नागनाथ की कथा और विट्ठल को भोग खिलाने की कथा वारकरी लोक-परंपरा
