ॐBhakti Aanganभक्ति आंगन
Saints & Dohas

What the River Gave Back

देहू में एक पंडित के हुक्म पर तुकाराम अपने अभंगों की पोथियाँ इंद्रायणी में डुबो देते हैं और तेरह दिन भूखे किनारे बैठे रहते हैं; इन्हीं दिनों में कहानी पीछे जाती है, उस छोटे दुकानदार तक जिसने अकाल में पत्नी और बेटा खोया और कर्ज़दारों के काग़ज़ नदी में बहा दिए।

Original Hindi textStory in preparation

This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.

देहू में एक पंडित के हुक्म पर तुकाराम अपने अभंगों की पोथियाँ इंद्रायणी में डुबो देते हैं और तेरह दिन भूखे किनारे बैठे रहते हैं; इन्हीं दिनों में कहानी पीछे जाती है, उस छोटे दुकानदार तक जिसने अकाल में पत्नी और बेटा खोया और कर्ज़दारों के काग़ज़ नदी में बहा दिए।

Tradition & source notes

महीपति का भक्तलीलामृत; तुकाराम गाथा (अभंग); वारकरी परंपरा

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