The Plucked Minister
रात के अँधेरे में उल्लुओं की सेना बरगद पर सोए कौवों का कत्लेआम कर देती है; अगली सुबह कौवों का बूढ़ा मंत्री स्थिरजीवी अपने ही पंख नुचवाकर, ख़ून से लथपथ, दुश्मन की गुफा के द्वार पर पनाह माँगने जाता है, जहाँ उल्लू-राजा का एक मंत्री चिल्लाकर कहता है कि यह धोखा है, और कोई उसकी नहीं सुनता।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
रात के अँधेरे में उल्लुओं की सेना बरगद पर सोए कौवों का कत्लेआम कर देती है; अगली सुबह कौवों का बूढ़ा मंत्री स्थिरजीवी अपने ही पंख नुचवाकर, ख़ून से लथपथ, दुश्मन की गुफा के द्वार पर पनाह माँगने जाता है, जहाँ उल्लू-राजा का एक मंत्री चिल्लाकर कहता है कि यह धोखा है, और कोई उसकी नहीं सुनता।
Tradition & source notes
विष्णु शर्मा का पंचतंत्र, तृतीय तंत्र 'काकोलूकीय' (कौवों और उल्लुओं का युद्ध; मंत्री स्थिरजीवी, उल्लू-मंत्री रक्ताक्ष)
