ॐBhakti Aanganभक्ति आंगन
Saints & Dohas

The Rana's Cup

चित्तौड़ के महल की एक रात चरणामृत कहकर सोने का प्याला आता है, जिसमें ज़हर है, और विधवा राजकुमारी मीरा सब जानते हुए भी गाते-गाते उसे पी लेती है; यहीं से कहानी उस शांत स्त्री की है जिसने महल के नियमों के आगे सिर नहीं झुकाया और वृंदावन से द्वारका तक चली गई।

Original Hindi textStory in preparation

This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.

चित्तौड़ के महल की एक रात चरणामृत कहकर सोने का प्याला आता है, जिसमें ज़हर है, और विधवा राजकुमारी मीरा सब जानते हुए भी गाते-गाते उसे पी लेती है; यहीं से कहानी उस शांत स्त्री की है जिसने महल के नियमों के आगे सिर नहीं झुकाया और वृंदावन से द्वारका तक चली गई।

Tradition & source notes

मीरा के पद; नाभादास की भक्तमाल और प्रियादास की टीका; विष का प्याला और फूलों की टोकरी में साँप जैसी घटनाएँ राजस्थानी लोक-परंपरा

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