The One Who Left the Battlefield
मथुरा पर फिर घेरा पड़ने वाला है, सामने कालयवन की अजेय सेना है, और कृष्ण वह करते हैं जो कोई वीर नहीं करता, पीठ फेरकर भागते हैं, और दुनिया उन्हें 'रणछोड़' कहकर हँसती है; बरसों बाद वही कृष्ण ब्राह्मण के वेश में भीम और अर्जुन के साथ जरासंध के नगर में चुपचाप प्रवेश करते हैं, जहाँ बंदी राजा मौत का इंतज़ार कर रहे हैं।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
मथुरा पर फिर घेरा पड़ने वाला है, सामने कालयवन की अजेय सेना है, और कृष्ण वह करते हैं जो कोई वीर नहीं करता, पीठ फेरकर भागते हैं, और दुनिया उन्हें 'रणछोड़' कहकर हँसती है; बरसों बाद वही कृष्ण ब्राह्मण के वेश में भीम और अर्जुन के साथ जरासंध के नगर में चुपचाप प्रवेश करते हैं, जहाँ बंदी राजा मौत का इंतज़ार कर रहे हैं।
Tradition & source notes
भागवत पुराण, दशम स्कंध, अध्याय 50–52 (जरासंध के सत्रह आक्रमण, कालयवन, मुचुकुंद, द्वारका की स्थापना) और 70–72 (जरासंध वध); महाभारत, सभा पर्व (जरासंध-वध पर्व)