The Rope That Was a Snake
सावन की उफनती रात में एक जवान पति लाश के सहारे नदी पार करता है और साँप को रस्सी समझकर पत्नी की खिड़की तक चढ़ जाता है; कहानी रत्नावली की नज़र से चलती है, जिसकी आँसुओं में कही एक धीमी बात ने उसका पति हमेशा के लिए छीन लिया और दुनिया को तुलसीदास दे दिए, और हर एपिसोड तुलसी के एक दोहे के सरल अर्थ पर ख़त्म होता है।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
सावन की उफनती रात में एक जवान पति लाश के सहारे नदी पार करता है और साँप को रस्सी समझकर पत्नी की खिड़की तक चढ़ जाता है; कहानी रत्नावली की नज़र से चलती है, जिसकी आँसुओं में कही एक धीमी बात ने उसका पति हमेशा के लिए छीन लिया और दुनिया को तुलसीदास दे दिए, और हर एपिसोड तुलसी के एक दोहे के सरल अर्थ पर ख़त्म होता है।
Tradition & source notes
तुलसीदास की दोहावली, रामचरितमानस और विनय पत्रिका के दोहे; जीवन-कथा लोक-परंपरा से: प्रियादास की भक्तमाल टीका और बाद के जीवन-चरित (मूल गोसाईं चरित); रत्नावली का दोहा परंपरा से