He Had Everything, Yet
अयोध्या के घाट पर आधी रात, सब कुछ पा लेने के बाद भी भीतर से खाली हो चुका एक नौजवान नदी में उतरने ही वाला है कि एक बूढ़ा पुजारी उसे रोककर उस सोलह बरस के राजकुमार राम की कथा सुनाता है जिसने तीर्थ से लौटकर खाना-पीना छोड़ दिया था और भरी सभा में पूछा था कि जीने का अर्थ क्या है, और कैसे गुरु वसिष्ठ ने उसे उत्तर दिए।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
अयोध्या के घाट पर आधी रात, सब कुछ पा लेने के बाद भी भीतर से खाली हो चुका एक नौजवान नदी में उतरने ही वाला है कि एक बूढ़ा पुजारी उसे रोककर उस सोलह बरस के राजकुमार राम की कथा सुनाता है जिसने तीर्थ से लौटकर खाना-पीना छोड़ दिया था और भरी सभा में पूछा था कि जीने का अर्थ क्या है, और कैसे गुरु वसिष्ठ ने उसे उत्तर दिए।
Tradition & source notes
योग वासिष्ठ: वैराग्य प्रकरण (राम का विषाद), उत्पत्ति प्रकरण (लीला की कथा), उपशम प्रकरण (गाधि की कथा); फ़्रेम कथा काल्पनिक
