The Name Said Backwards
जंगल का लुटेरा रत्नाकर नारद के गले पर फरसा रखता है, नारद बस एक सवाल पूछते हैं कि क्या तुम्हारा परिवार तुम्हारे पाप भी बाँटेगा, और रत्नाकर उन्हें पेड़ से बाँधकर जवाब लेने घर जाता है; घर पर मिला धीमा जवाब उसे तोड़ देता है और 'मरा मरा' से वाल्मीकि बनने का सफ़र शुरू होता है।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
जंगल का लुटेरा रत्नाकर नारद के गले पर फरसा रखता है, नारद बस एक सवाल पूछते हैं कि क्या तुम्हारा परिवार तुम्हारे पाप भी बाँटेगा, और रत्नाकर उन्हें पेड़ से बाँधकर जवाब लेने घर जाता है; घर पर मिला धीमा जवाब उसे तोड़ देता है और 'मरा मरा' से वाल्मीकि बनने का सफ़र शुरू होता है।
Tradition & source notes
रत्नाकर डाकू की कथा बाद की परंपरा से (अध्यात्म रामायण, स्कंद पुराण, कृत्तिवासी रामायण); 'उलटा नामु जपत जगु जाना' रामचरितमानस, अयोध्याकांड; क्रौंच-वध और पहला श्लोक वाल्मीकि रामायण, बालकांड, सर्ग 2