A Pot of Poison
पटना के एक कॉलेज के गेट पर चाय बेचने वाले बूढ़े रामदीन बाबा गाँव से आए उस लड़के को रोज़ टूटते देखते हैं जिसका सबसे मीठा बोलने वाला दोस्त ही पीठ पीछे उसकी जड़ खोद रहा है, और चाणक्य का वह श्लोक सुनाते हैं: ऊपर दूध, भीतर ज़हर वाला घड़ा।
This is an outline of the story. The full narrative is coming soon.
पटना के एक कॉलेज के गेट पर चाय बेचने वाले बूढ़े रामदीन बाबा गाँव से आए उस लड़के को रोज़ टूटते देखते हैं जिसका सबसे मीठा बोलने वाला दोस्त ही पीठ पीछे उसकी जड़ खोद रहा है, और चाणक्य का वह श्लोक सुनाते हैं: ऊपर दूध, भीतर ज़हर वाला घड़ा।
Tradition & source notes
चाणक्य नीति (मित्र, शत्रु और रिश्तों की परख: 'परोक्षे कार्यहन्तारं प्रत्यक्षे प्रियवादिनम्… विषकुम्भं पयोमुखम्', अध्याय 2; 'जानीयात्प्रेषणे भृत्यान्…', अध्याय 1); फ़्रेम कथा काल्पनिक